Monday, November 16, 2020

बालक के कंचे और वृंदावन महाराज

*वृंदावन के मंदिर मे आज भी होते है चमत्कार*
               🙏🌹🙌🙌🌹🙏
बात कुछ समय पहले की है!

जब शाम के समय पुजारी जी आरती की तैयारी कर रहे थे ! तभी एक बालक भागता हुआ मंदिर मै आया और गर्भग्रह मे जाने को लपका ! तभी वहाँ मौजूद पुजारीयों ने उसको पकडते हुये कहा ऐ छोरे कॉं घुसो जारियौ है ?
 
बालक ने भगवान की ओर उंगली से ईशारा करते हुये कहा !!

जे छलिया मेरे कंचन (कंचे) कूं  लियायो है!
पहले जासौ मेरे कंचे वापस दिलाओ !!

पुजारी-- पागल है गयौ है छोरा कौन लै आयै है तेरे कंचन कूं
वालक ----  ये लै आये है !!
पुजारियो ने उस बालक को वहॉं से भगा दिया !

जब दूसरे दिन श्री कृष्ण भगवान की पोशाक बदली जा रही थी तो उनकी पगडी उतारी गयी !
जिसमे से कई कंचे जमीन पर गिर कर फैल गये।

🙏🌹जय हो बृज के छलिया नटखट नंदकिशोर की🌹🙏🙌🙌👏

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