*चातुर्मास में ग्रहणीय तथा वर्जिनिय नियम*
_|| आषाढ || श्रावण || भाद्रपद || कार्तिक ||_
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*ll साग ll, ll दही ll, ll दुध ll ll उडद ll*
खाद्य मे सेवन न करें।
1- *ब्रह्म मुहूर्त में उठना*
2- *ब्रह्म मुहूर्त में स्नान*
3- *प्रतिशौच स्नान करना*
4- *दिन मे एक समय भोजन*
5- *भूमि पर शयन करना*
6- *समस्त एकादशी व्रत का कठोरता से पालन करना*
7- *मांसाहार न करना*
8- *तामसिक वस्तुओं जैसे.. प्याज लहसुन मसुरा का सेवन न करना*
9- *नशे की वस्तुओं का उपयोग न करना*
10- *चाय कॉफी का सेवन नहीं करना।*
11- *घर का भोजन जो श्रीहरि को भोग लगा हो वही ग्रहण करना*
12- *बाहर का भोजन /पैकेट बंद आहार* (बिस्किट ,नमकीन ,मिठाइयां )
आदि का सेवन न करना
13- *ब्रह्मचर्य का पालन करना*
14- *सतोगुणी ड्रेस पहनना जैसे.. पुरुष ऑफिस में तो पेंट शर्ट आदि पहने परंतु घर में कुर्ता पायजामा /धोती धारण करें... महिलाएं सूट ,साड़ी पहने वेस्टर्न ड्रेस से बचें ।*
15- *विग्रह सेवा प्रारंभ करने का यह उचित समय है* श्री राधा कृष्ण, गौर निताई ,जगन्नाथ जी आदि रूपों की विग्रह पूजा -सेवा कर सकते हैं ।
16- *जो लोग विग्रह सेवा /पूजा कर रहे हैं वह उसकी क्वालिटी बढ़ा लें और जो लोग नहीं कर रहे हैं वह आरंभ करें ।*
17- *जो लोग श्री विग्रह सेवा कर रहे हैं और मंगला आरती नहीं करते हैं वे इन दिनों मंगला आरती भी करें*
18- *जो लोग भगवान को भोग नहीं लगाते वे लगाना आरंभ कर दें ।*
19- *और जो लोग भोग लगा रहे हैं भगवान की प्रसन्नता के लिए व्यंजनों की संख्या और गुणवत्ता बढ़ा लें*
20- *हरे कृष्ण महामंत्र का जप तुलसी माला पर अधिक संख्या मे करें* (जो लोग जप कर रहे हैं वे संख्या बढ़ा लें) *जो लोग नहीं कर रहे हैं वह करना प्रारंभ कर दें ।*
21- *शास्त्रों का अध्ययन टारगेट के साथ करें जैसे-* चैतन्य चरितामृत, भगवत गीता, श्रीमद् भागवत, रामायण आदी को पूर्ण करें।
22- *वैसे चातुर्मास में बहुत सारे निषेध हैं । वह सब हम लोग नहीं कर सकते हैं।*
23- *परिवार के सदस्य एक साथ बैठकर नित्य प्रति संकीर्तन अवश्य अवश्य करें*
24- *नर्सिंह कवच का पाठ करें या सुनें।*
25- *संख्या पूर्वक नित्य अपने श्री विग्रह को प्रणाम करें या फिर किसी कृष्ण मंदिर में प्रणाम और परिक्रमा संख्या पूर्वक करें।*
*😍भक्तिमय/दृढ बनने ये सब मास है..*
यह पालन कर......
श्रीराधाकृपा के भागी बने🙇🏻♂️🙇🏼♀️💐🙏
*हरे कृष्ण🙏 हरी हरी बोल 🙌
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