Monday, November 16, 2020

दो पान

*बिहारी जी का साक्षात्कार....☺🌸💐👏*

कुछ दिन पहले बिहारी जी का एक प्यारा बिहारी जी के दिदार को गया बड़ी सोच विचार के बाद अपने बिहारी जी के लिए दो पान ले गया बड़े प्यार से बड़े स्नेह से उसने वो पान बिहारी जी को अरपन किये और उस पागल ने बड़े हक से बिहारी जी को बोला बिहारी जी खुब खाना और थोड़ा सा मुझे भी देना कई घंटे बिहारी जी के पास खड़ा रहा पर बिहारी जी ने पान नही दिया बेचारा मायुस होकर वापीस अपने शहर आ गया
 कुछ दिनों बाद वो अपने घर के पास वाले मंदिर मे गया तो वहाँ बिहारी जी की आरती हो रही थी वो भी आरती मे खड़ा हो गया आरती समापन हुई और उसने जैसे ही पुजारी के सामने प्रसाद के लिए हाथ फैलाया पुजारी जी ने दो पान उसके हाथ मे रख दिए पान देख कर पुजारी जी और वो दोनों हैरान रह गए 
पुजारी जी इस लिए हैरान थे के लड्डूऔ के थाल में पान आए कहा से और वो पागल इस लिए हैरान था कयुकि ये वो ही पान थे जो उसने वृंदावन मे अपने बांके बिहारी जी को अरपन किये थे ।
*बोलो बांके बिहारी लाल की जय हो.....🌸💐👏🙏*

*जय श्री राधे....🌸💐👏*

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