अक्षय तृतीया 26 April 2020
*26 April 2020 दिन * बहुत ही सुंदर और पावन दिन *" अक्षय तृतीया "* जिसको सत्वा तीज भी बोलते है। इस दिन वृन्दावन के लाड़ले ओर श्री स्वामी हरिदास जी महाराज के लाड़ले हम सब के प्यारे *श्री बाँके बिहारी लाल जी* के चरण दर्शन होते है। *श्री बाँके बिहारी जी* लाल के चरणों के दर्शन साल में सिर्फ एक बार ही होते है अन्यथा वो पोशाक में छिपे रहते है।
इस दिन *श्री बाँके बिहारी जी* पेजेब भी पहनाई जाती है कहा जाता है जिनकी शादी में रुकावटे बहुत आती हो वो *अक्षय तृतीया* को *बिहारी जी* को पेजेब भेंट कर दे तो उनका वर जल्दी मिल जाता है।
इस दिन अधिक गर्मी होने के कारण *श्री बाँके बिहारी जी* को चंदन का लेप भी किया जाता है जिससे उनको गर्मी से राहत मिल सके।
*अक्षय तृतीया* के दिन *श्री बाँके बिहारी जी* पीले वस्त्रों में अपने भगतो को फूल बंगले में विराजकर दर्शन देगे।
*अक्षय तृतीया* को जो के आटे का सत्तू ,चने के आटे का सत्तू , गेंहू के आटे का सत्तू,ओर भी अनेक प्रकार के सत्तू का शर्बत बनाकर ठाकुरजी की भोग लगता है परन्तु अब बड़े बड़े शहर होते जा रहे तो वहाँ सत्तू नही मिल पाता तो उसकी जगह आप मीठे शर्बत का प्रसाद भी लगा सकते है.
सभी अपने *लड्डू गोपाल*, जुगल जोड़ी आदि सब का सुंदर श्रृंगार कर चंदन का लेप जरूर लगाए और *ठाकुर जी* को पायल भी पहनाए ओर शर्बत का भोग भी लगाए....🙏🏼
अक्षय तृतीया महत्व क्यों है जानिए कुछ महत्वपुर्ण जानकारी..
-🙏 आज ही के दिन माँ गंगा का अवतरण धरती पर हुआ था ।
🙏-महर्षी परशुराम का जन्म आज ही के दिन हुआ था ।
🙏-माँ अन्नपूर्णा का जन्म भी आज ही के दिन हुआ था
🙏-द्रोपदी को चीरहरण से कृष्ण ने आज ही के दिन बचाया था ।
🙏- कृष्ण और सुदामा का मिलन आज ही के दिन हुआ था ।
🙏- कुबेर को आज ही के दिन खजाना मिला था ।
🙏-सतयुग और त्रेता युग का प्रारम्भ आज ही के दिन हुआ था ।
🙏-ब्रह्मा जी के पुत्र अक्षय कुमार का अवतरण भी आज ही के दिन हुआ था ।
🙏- प्रसिद्ध तीर्थ स्थल श्री बद्री नारायण जी का कपाट आज ही के दिन खोला जाता है ।
🙏- बृंदावन के बाँके बिहारी मंदिर में साल में केवल आज ही के दिन श्री विग्रह चरण के दर्शन होते है अन्यथा साल भर वो बस्त्र से ढके रहते है ।
🙏- इसी दिन महाभारत का युद्ध समाप्त हुआ था ।
🙏- अक्षय तृतीया अपने आप में स्वयं सिद्ध मुहूर्त है कोई भी शुभ कार्य का प्रारम्भ किया जा सकता है
*जय श्री कृष्ण....*🌸💐👏🏼
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